
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या में निषाद समाज के छात्रावास पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। महर्षि वेद व्यास सेवा संस्थान समिति ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर निषाद छात्रावास और एकलव्य छात्रावास को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।समिति के मुताबिक, दोनों छात्रावास रामजन्मभूमि थाना क्षेत्र में रामलला खेल वाटिका आश्रम के सामने नजूल भूमि पर बने हैं। निषाद छात्रावास का निर्माण वित्तीय वर्ष 2010-11 में विधानसभा क्षेत्र विकास निधि से करीब 5 लाख 48 हजार रुपये की लागत से कराया गया था।

वहीं, एकलव्य छात्रावास का निर्माण 2011-12 में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जरिए सरकारी धनराशि से शुरू हुआ था। एकलव्य छात्रावास के अध्यक्ष मनीराम निषाद का आरोप है कि कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में छात्र अपने घर चले गए थे। इसी दौरान मथुरा-वृंदावन निवासी अमरदास और उनके साथियों ने छात्रावास पर कथित रूप से कब्जा कर लिया। उनका कहना है कि कब्जा हटाने के लिए कई बार प्रयास किए गए।
लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।समिति का कहना है कि छात्रावास में गरीब और जरूरतमंद छात्रों को नि:शुल्क रहने और पढ़ने की सुविधा मिलती थी। निषाद समाज ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर छात्रावास को कब्जामुक्त कराने और दोबारा छात्रों के उपयोग में लाने की मांग की है।





