
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। बीकापुर तहसील के तारुन विकासखंड अंतर्गत परसावां महौला गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन के लिए आयोजित खुली बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। ग्रामीणों ने हाथ उठाकर मतदान कराने का विरोध करते हुए पर्ची के माध्यम से गुप्त मतदान की मांग की, जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में मौजूद 19 स्वयं सहायता समूहों (समूह सेवक संघ) में से केवल दो समूहों को ही प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि 16 अन्य सक्रिय समूहों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना था कि सभी सक्रिय समूहों को समान अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

ग्रामीणों ने मांग की कि सभी पात्र समूहों को चुनाव में भाग लेने का अवसर दिया जाए और मतदान गुप्त मतदान (पर्ची प्रणाली) से कराया जाए, जिससे किसी प्रकार के दबाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
हंगामे और ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ अगले सप्ताह दोबारा चुनाव कराया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों की आपत्तियों पर विचार करते हुए निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।





