
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ‘पवन’ ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक प्रचार और आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के आरोप में अयोध्या नगर कोतवाली में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने बताया कि महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव की ओर से प्रभारी निरीक्षक को दी गई तहरीर में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से राम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे और आभूषणों की कथित चोरी का मामला चर्चा में है। इसी बीच सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अखिलेश यादव को लेकर कथित रूप से भ्रामक, तथ्यहीन और मनगढ़ंत पोस्ट एवं वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और कुछ सार्वजनिक व्यक्तियों द्वारा यह दावा किया गया कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण के आरोपी टिन्नू यादव ने अखिलेश यादव से 980 बार बातचीत की थी। सपा नेताओं ने इस दावे को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि इससे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
सपा नेताओं ने पुलिस से मांग की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित फर्जी पोस्ट और वीडियो की तकनीकी जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय कानून के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
जान से मारने की धमकी मिलने का भी लगाया आरोप
पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ‘पवन’ ने यह भी आरोप लगाया कि 6 जुलाई 2026 को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी दी। उनका दावा है कि कॉल करने वाले ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को उठाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी और उनके परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को अलग से दूसरी तहरीर भी सौंपी है।
इस मौके पर सपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें महासचिव हामीद जाफर मीसम, राम अचल यादव, संजय सिंह, चौधरी श्रीचंद यादव, एडवोकेट शावेज जाफरी, एडवोकेट लाल बहादुर शुक्ला, शिवांशु तिवारी, अपर्णा जायसवाल, वीरेंद्र गौतम, सचिन यादव, रियाज अहमद, नूर बाबू, रोहित यादव सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।
नोट: यह समाचार समाजवादी पार्टी की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जिन व्यक्तियों के नाम तहरीर में लिए गए हैं, उनका पक्ष या पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।





