
-ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों की दी गई जानकारी, स्वच्छ रेल-स्वस्थ भारत का संदेश लेकर निकाली गई रैली
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (EnHM) अनुभव पाठक के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से रेलकर्मियों, स्टेशन वेंडरों, कैटरिंग कर्मियों और यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए रेलवे परिसर को साफ-सुथरा बनाए रखने का संदेश दिया गया।
14 अक्टूबर को मंडल के बनारस, वाराणसी सिटी, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर सिटी, भटनी जंक्शन, छपरा, सीवान, देवरिया सदर, मऊ, बेल्थरा रोड, सलेमपुर और प्रयागराज रामबाग सहित विभिन्न स्टेशनों पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य रेलवे परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना, कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देना तथा रेलकर्मियों और यात्रियों की सहभागिता से स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रमों के दौरान रेलवे कर्मचारियों, ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) स्टाफ, पैंट्री एवं कैटरिंग कर्मियों, स्टेशन वेंडरों तथा ठेकेदारों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें कचरे के उचित पृथक्करण, निर्धारित स्थानों पर कचरा डालने, अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वालों की जिम्मेदारियों तथा नियमों के उल्लंघन पर निर्धारित जुर्माने के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही, कचरे के उचित संग्रह, प्रबंधन और निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से अपनाने पर जोर दिया गया।
कचरे का पृथक्करण और नियमों के पालन पर जोर
क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में कर्मचारियों और वेंडरों को समझाया गया कि स्टेशन परिसर एवं कार्यस्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कचरे को निर्धारित डस्टबिन में डालने, डस्टबिन के रंगों के अनुरूप कचरे का पृथक्करण करने तथा कार्यस्थलों पर साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। रेल प्रशासन ने स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और यात्रियों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस दौरान आयोजित ब्रीफिंग सत्रों में कचरे के अनुचित निस्तारण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। कर्मचारियों एवं वेंडरों को बताया गया कि कचरे का सही तरीके से पृथक्करण और निस्तारण न केवल स्टेशन परिसर को स्वच्छ रखने में सहायक है, बल्कि यात्रियों के लिए स्वस्थ एवं बेहतर वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्वच्छता रैली और उद्घोषणाओं से यात्रियों को किया जागरूक
स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर स्वच्छता रैली के माध्यम से यात्रियों एवं आमजन को जागरूक किया गया। रैली के दौरान ‘स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत’ तथा ‘आओ, भारतीय रेल को स्वच्छ बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाएँ’ जैसे नारों के जरिए स्वच्छता का संदेश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, स्टेशनों पर सार्वजनिक उद्घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों से अपील की गई कि वे स्टेशन परिसर में गंदगी न फैलाएं, कचरे को निर्धारित डस्टबिन में डालें तथा रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए रेल प्रशासन के प्रयासों के साथ यात्रियों और आमजन की भागीदारी भी जरूरी है।
रेल संवाद में स्वच्छता व्यवस्था पर हुई चर्चा
स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छता संबंधी रेल संवाद का भी आयोजन किया गया। इसमें स्टेशन परिसर और कार्यस्थलों की साफ-सफाई, डस्टबिन के रंगों के अनुसार कचरे का पृथक्करण तथा स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। संबंधित कर्मचारियों एवं अन्य सहभागियों को स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाने और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
रेल प्रशासन ने सभी रेलकर्मियों, स्टेशन वेंडरों, कैटरिंग स्टाफ, ठेकेदारों और यात्रियों से स्वच्छता पखवाड़ा में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। साथ ही, स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया, ताकि रेलवे स्टेशनों एवं कार्यस्थलों पर स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर वातावरण कायम रखा जा सके।





