
- रिपोर्ट: पंकज झा…✍️✍️
वाराणसी। विकास की तेज़ रफ्तार के बीच वाराणसी जिले का संदहा चौराहा अब गंभीर सड़क सुरक्षा चिंताओं का केंद्र बनता जा रहा है। लगातार बढ़ते यातायात के बावजूद यहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट दिशा संकेतक, प्रभावी यातायात नियंत्रण और आवश्यक सुरक्षा इंतज़ामों का अभाव स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, इन्हीं कमियों के कारण यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं।
रात होते ही चौराहा अंधेरे में डूब जाता है। वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों का सही आकलन करने में कठिनाई होती है, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। सबसे अधिक परेशानी बाइक सवारों, साइकिल चालकों, स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों को उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते हाईमास्ट लाइट, ट्रैफिक सिग्नल, दिशा संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और नियमित यातायात निगरानी की व्यवस्था कर दी जाए, तो दुर्घटनाओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उनका आरोप है कि लंबे समय से अपेक्षित सुधार कार्य न होने से यह चौराहा दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र बनता जा रहा है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि संदहा चौराहे पर तत्काल सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके और भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतज़ार करेगा, या समय रहते संदहा चौराहे को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे?





