
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में दान से जुड़े कथित विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। ट्रस्ट की विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया। दोनों पदाधिकारियों ने हाल ही में नैतिक आधार पर अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंपा था।
राम जन्मभूमि परिसर में आयोजित ट्रस्ट की विशेष बैठक तीन घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक में मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का प्रमुख एजेंडा दान से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच और चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर निर्णय लेना था। विचार-विमर्श के बाद ट्रस्ट ने दोनों के त्यागपत्र स्वीकार करने की घोषणा की।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि यह बैठक पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इसे पहले आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रहा है और मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता एवं श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास सहित कई प्रमुख संत, ट्रस्टी और अन्य सदस्य मौजूद रहे। हालांकि, जिन दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए, वे बैठक में शामिल नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार बैठक में रिक्त हुए महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियों और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई।
दान विवाद की जांच जारी
मंदिर में दान से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला जून 2026 में सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। प्रारंभिक जांच के आधार पर मामला दर्ज किया गया और दान की गिनती से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। जांच एजेंसियां नकद दान के अलावा सोना, चांदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य चढ़ावे के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा और आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय प्रबंधन को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। इस पूरे मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दल दान प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि ट्रस्ट का कहना है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





