
Uttar Pradesh में योगी सरकार बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने पर लगातार जोर दे रही है। इसी कड़ी में राजधानी Lucknow स्थित गोमती बैराज को आधुनिक और आदर्श बैराज सिस्टम के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने बैराज के पुराने और क्षतिग्रस्त वर्टिकल गेटों को बदलने का काम शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, इन गेटों के आधुनिकीकरण से बैराज की कार्यक्षमता में सुधार होगा और जल नियंत्रण व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य राजधानी की पेयजल आपूर्ति को मजबूत करना और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन प्रणाली को अपडेट करना है।
सिंचाई विभाग का मानना है कि गोमती नदी और बैराज से जुड़े तंत्र को आधुनिक तकनीक से लैस करने से शहर की बढ़ती आबादी के लिए बेहतर जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही मानसून के दौरान बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने में भी नई गेट प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आसपास के इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत पर्यावरणीय संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई तकनीक से जल प्रवाह को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे गोमती नदी के पारिस्थितिकी तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
गोमती बैराज के आधुनिकीकरण को राज्य सरकार की जल संसाधन प्रबंधन और शहरी विकास नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि शहर की जल आपूर्ति और स्थानीय व्यवस्था पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
स्थानीय लोगों में भी इस परियोजना को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ की जल सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचा पहले से अधिक मजबूत और आधुनिक हो जाएगा।




