
Lucknow में समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने की तैयारी का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण आपूर्ति प्रभावित होने और तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान के चलते आने वाले दिनों में आम जनता पर महंगाई का नया बोझ डाला जा सकता है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि तेल निगमों को हर महीने लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नुकसान की भरपाई जनता की जेब से की जाएगी। सपा प्रमुख ने कहा, “जिस तरह गैस सिलेंडर महंगे किए गए, उसी तरह अब पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ाई जा सकती हैं। भाजपा पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाली पार्टी है।”
उन्होंने भाजपा की विचारधारा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के गठन के समय धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी सोच को लेकर बहस हुई थी, लेकिन व्यवहार में भाजपा पूंजीवादी नीतियों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी दिखने के लिए भाजपा नेताओं ने केवल लोकनायक Jayaprakash Narayan की तस्वीरों का इस्तेमाल किया।
इस दौरान अखिलेश यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और स्मार्ट मीटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में किसी भी चीज पर संदेह नहीं होना चाहिए, लेकिन EVM और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण संदेह के घेरे में हैं। स्मार्ट मीटरों के साथ छेड़छाड़ संभव है। हम उस प्रणाली का समर्थन करेंगे, जिसमें इंग्लैंड की तरह बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए।”
सपा प्रमुख ने दावा किया कि चाहे एक साल लगे या सौ साल, EVM को हटाने की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को लेकर किसी भी तरह के उग्र कदम से बचें और अनुशासन बनाए रखें।
अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा चाहती है कि विपक्ष सड़क पर संघर्ष करता रहे और दूसरी तरफ वोटर लिस्ट में बदलाव किए जाते रहें। इसलिए कार्यकर्ताओं को संयम और सतर्कता के साथ काम करना चाहिए।”
इससे पहले भी अखिलेश यादव चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने Election Commission of India को चुनौती देते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने के लिए लगातार नए बहाने बना रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही लाइव दिखाई जा सकती है, तो चुनावी मतदान और मतगणना की CCTV फुटेज सार्वजनिक करने में भी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।




