
लखनऊ पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पूर्वी जोन की डीसीपी आईपीएस दीक्षा शर्मा को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं, उनके जोन के सभी 12 थाना प्रभारियों (कोतवालों) को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।
हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद प्रदेश में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बहस तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अदालत ने पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली और मामले के निस्तारण को लेकर नाराजगी जताई है।
उधर, लखनऊ पुलिस कमिश्नर की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। सुल्तानपुर की एक अदालत ने पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के संबंध में उत्तर प्रदेश के डीजीपी को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
इन घटनाक्रमों के बाद प्रदेश की पुलिस व्यवस्था और कमिश्नरी सिस्टम की प्रभावशीलता को लेकर नए सिरे से सवाल खड़े हो गए हैं।




