
गयाजी: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने जनसंख्या के मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि लोगों को बच्चा पैदा करने या जनसंख्या बढ़ाने को लेकर संकीर्ण सोच नहीं रखनी चाहिए। उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
दरअसल, यह प्रतिक्रिया धीरेन्द्र शास्त्री के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने नागपुर में लोगों से चार बच्चे पैदा करने और एक बच्चे को आरएसएस में भेजने की बात कही थी। इस पर मांझी ने कहा कि उन्हें धीरेंद्र शास्त्री के बयान की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि जनसंख्या को लेकर संकीर्णता नहीं होनी चाहिए।
मांझी ने आगे कहा कि हर व्यक्ति केवल पेट लेकर नहीं, बल्कि हाथ और मस्तिष्क लेकर भी जन्म लेता है। उन्होंने कहा कि यदि रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं और समाज को ईमानदारी से चलाया जाए, तो सभी का भरण-पोषण संभव है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पहले भी बड़ी आबादी के बावजूद भारत को ‘जगत गुरु’ कहा जाता था।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़ती जनसंख्या के साथ शिक्षा बेहद जरूरी है, ताकि लोग आत्मनिर्भर बन सकें और उद्यमी के रूप में आगे बढ़ सकें। मांझी के इस बयान से बिहार की सियासत में हलचल तेज होने के आसार हैं और यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।




