
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल के उपाध्यक्ष एवं निषाद समाज के उपाध्यक्ष सत्यनारायण साहनी तन्ना ने प्रशासन से मांग की है कि दशाश्वमेध घाट पर हुए विवाद और उसके बाद उन पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।सत्यनारायण साहनी तन्ना के अनुसार, 8 जून 2026 (सोमवार) को शाम लगभग 5 बजे दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी के सामने यात्रियों को लेकर लव कुश मांझी के पुत्र किशन साहनी एवं कुणाल साहनी से उनकी कहासुनी हो गई।
उनका आरोप है कि विवाद के दौरान किशन साहनी ने उनके साथ गाली-गलौज की तथा हाथापाई भी की। घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई।उन्होंने कहा कि लव कुश मांझी और उनके पुत्रों द्वारा घाट पर आए दिन विवाद, गाली-गलौज और झगड़े किए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। साथ ही उनका दावा है कि कुणाल साहनी के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुकदमे भी दर्ज हैं, जिसके कारण उनकी छवि दबंग प्रवृत्ति की मानी जाती है।
सत्यनारायण साहनी ने बताया कि शिकायत के बाद वह अपने परिवार के साथ लगभग चार घंटे तक पुलिस चौकी पर मौजूद रहे। इस दौरान चौकी प्रभारी द्वारा दूसरे पक्ष को भी बुलाया गया। उनके अनुसार, रास्ते में दूसरे पक्ष के साथ कोई घटना घटित हो गई, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद बाद में उस घटना की पूरी जिम्मेदारी उन पर डालने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है तथा उन पर 50 हजार रुपये मांगने जैसे गंभीर और निराधार आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत हैं और तथ्यों से परे हैं।
सत्यनारायण साहनी तन्ना ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि सत्य सामने आ सके और किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि को नुकसान न पहुंचे।





