
नई दिल्ली। CBSE से जुड़े छात्रों और अभिभावकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन-भाषा नीति को लेकर अहम निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार और CBSE को निर्देश दिया कि कक्षा 7 के छात्रों को दी गई तीसरी भाषा की छूट का लाभ वर्तमान कक्षा 6 के छात्रों को भी दिया जाए।
कक्षा 6 के छात्रों को भी मिलेगी राहत
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि वर्तमान में कक्षा 6 में पढ़ रहे छात्रों को भी वही रियायत मिलनी चाहिए, जो कक्षा 7, 8 और 9 के छात्रों को दी गई है।
CBSE के 29 जून को जारी परिपत्र के अनुसार कक्षा 7 से 9 तक के छात्रों को कक्षा 10 में पहुंचने पर तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देने की अनिवार्यता से छूट दी गई थी। अब यह छूट कक्षा 6 के छात्रों तक भी विस्तारित की गई है।
2027 से नीति लागू करने पर भी हुआ विचार
सुनवाई के दौरान केंद्र और CBSE की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पक्ष रखा। अदालत को बताया गया कि करीब 99 प्रतिशत स्कूलों ने तीसरी भाषा की नीति को लागू करने के लिए आवश्यक शैक्षणिक ढांचा तैयार कर लिया है, जबकि लगभग 1.2 प्रतिशत स्कूल अभी पीछे हैं।
इससे पहले 17 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने CBSE को कक्षा 6 के लिए तीन भाषाओं की व्यवस्था को 2027 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से लागू करने पर विचार करने का सुझाव दिया था। अदालत ने मौजूदा छात्रों पर अचानक अतिरिक्त शैक्षणिक बोझ डालने के बजाय व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने पर जोर दिया।




