
- ज्ञानेश वर्मा / यूपी हेड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सत्र प्रदेश के विकास, जनहित और लोकतांत्रिक संवाद के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विधानसभा आम जनता की आवाज को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी मंच है, जहां जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाकर समाधान की दिशा में सार्थक चर्चा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के समय का बेहतर उपयोग करते हुए किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और गरीबी उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि बदलने का काम किया है और गरीबों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनके अनुसार, देश में छह करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में सफलता मिली है।
किसानों और युवाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का किसान मेहनती है और देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 21 से 22 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में 16 लाख निजी नलकूपों पर किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने युवाओं के रोजगार का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में लगभग नौ लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जिनमें करीब 20 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार मिला है। मिशन शक्ति, महिला छात्रावासों के निर्माण और महिला सुरक्षा जैसे कदमों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
ODOP और निवेश से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना ने प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान दी है। बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश निवेश का प्रमुख केंद्र बना है और इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
कांवड़ यात्रा और किसानों का मुद्दा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सावन का महीना खेती-किसानी, शिक्षा और धार्मिक आस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज किसानों की चिंता की बात कर रहे हैं, उनके शासनकाल में किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिला और 21 चीनी मिलें बंद हो गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासन में गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों तक लंबित रहा।
अयोध्या मुद्दे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग रामभक्तों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज कराने के लिए जिम्मेदार रहे, वे आज राम मंदिर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के एजेंडे पर काम कर रही है।
संविदाकर्मियों और कर्मचारियों के लिए घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संविदा कर्मियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और चौकीदारों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू की गई है, जबकि मानदेय और अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अनुपूरक बजट का सहारा लिया गया है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि वह सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और सकारात्मक ढंग से चलाने में सहयोग करे, ताकि प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके।




