
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी कमिश्नरेट के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के बड़ी खजुरी गांव में एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि लगातार ब्लैकमेलिंग, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने घर में रखा बाथरूम क्लीनर पी लिया। गंभीर हालत में उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
शादी से पहले कथित तौर पर मिल रही थीं धमकियां
मृतका की पहचान उजाला राजभर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, करीब छह महीने पहले उसकी शादी भदोही जिले के एक गांव में तय हुई थी और परिवार विवाह की तैयारियों में जुटा था। इसी दौरान राजापुर (चोलापुर) निवासी एक युवक कथित तौर पर लगातार फोन कर उसे परेशान करने लगा।
मृतका के भाई धर्मराज का आरोप है कि युवक शादी तुड़वाने का दबाव बना रहा था और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहा था।
सोशल मीडिया पर फोटो वायरल करने की धमकी का आरोप
परिजनों का आरोप है कि आरोपी युवक युवती को जान से मारने और उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देता था। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर युवती के मंगेतर को भी उसकी तस्वीरें और आपत्तिजनक संदेश भेजे, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। लगातार मिल रही इन धमकियों से युवती मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।
क्लीनर पीने के बाद अस्पताल में भर्ती
बताया गया कि रविवार दोपहर युवती ने घर में रखा बाथरूम क्लीनर पी लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। हालांकि, उसकी हालत गंभीर बनी रही और सोमवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
उजाला अपने परिवार में तीन भाइयों के बीच इकलौती बहन थी। उसके पिता नगीना राजभर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की जांच
परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कथित धमकियों और प्रताड़ना पर कार्रवाई होती, तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, साइबर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना और पीड़ितों को आवश्यक कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।



