
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी/ उन्नाव। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उन्नाव की जनसभा से विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को माफियाराज का सबसे बड़ा संरक्षक बताया। 570 करोड़ रुपये से अधिक की 101 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए मानक स्थापित कर रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझा रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, महिला, किसान और युवा ही देश की असली चार जातियां हैं और सरकार इन्हीं के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन योजनाओं का लाभ आज जनता को मिल रहा है, उन्हें लागू करने का साहस और क्षमता विपक्षी दलों में कभी नहीं थी।
सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लिए केवल नेहरू-गांधी परिवार और सपा के लिए सिर्फ सैफई परिवार ही महत्वपूर्ण रहा है। आम जनता, गरीब, किसान और नौजवान इनके एजेंडे में कभी शामिल नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं का राज था, व्यापारी अपहरण और रंगदारी से परेशान रहते थे और विरोध की हर आवाज को दबा दिया जाता था।
माफियाराज का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में पले-बढ़े माफिया उन्हें रामायण काल के खर-दूषण, मारीच और सुबाहु की याद दिलाते हैं। उन्होंने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि इनके आंसू सिर्फ माफियाओं के मरने पर निकलते हैं, लेकिन गरीबों, किसानों और पीड़ितों के दर्द पर कभी नहीं। प्रदेश और देश को बदहाली की ओर धकेलने में कांग्रेस और सपा दोनों बराबर की जिम्मेदार हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। अपराध, माफिया और अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी प्रदेश की सुरक्षा और विकास में बाधा बनेगा, उसे उसी की भाषा में जवाब मिलेगा। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने एक भावुक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार होना था। दोनों बच्चे रो रहे थे, लेकिन उनके पास पहुंचते ही शांत हो गए। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि बच्चे ईश्वर का स्वरूप होते हैं और उन्हें विश्वास है कि उनका भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
उन्नाव की जनसभा में विकास, कानून व्यवस्था और विपक्ष पर तीखे राजनीतिक हमले केंद्र में रहे। मुख्यमंत्री के बयान अब प्रदेश की सियासत में नई बहस को हवा दे रहे हैं।




