
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश पुलिस (यूपीपी) के नवनियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने पुलिस सुधार, कमिश्नरेट व्यवस्था और ड्यूटी के दौरान अनुशासन को लेकर कई अहम बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ड्यूटी के समय सोशल मीडिया पर रील बनाने के बजाय अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना जरूरी है।
कमिश्नरेट सिस्टम पर उठने वाले सवालों का दिया जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जा चुकी है और यह पुलिस सुधार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में प्रशासनिक प्रक्रियाएं अत्यधिक जटिल थीं।
सीएम ने कहा, “जो लोग पुलिस सुधार की जानकारी नहीं रखते, वही कमिश्नरेट सिस्टम पर सवाल उठाते हैं। जिन्हें पुलिसिंग की समझ नहीं है, वे भी आलोचना करते हैं। ऐसे लोगों को आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा की चिंता नहीं होती।”
‘ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता का हिस्सा’
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल ड्यूटी के दौरान कई लोग रील बनाने में व्यस्त रहते हैं, जो अनुशासनहीनता का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “जिस समय हमें अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए, उस समय रील बनाने के बजाय पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ काम करना चाहिए।”
जिम्मेदारी और टीम भावना पर दिया जोर
सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने कार्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। जब कार्य पूरी गंभीरता और ईमानदारी से किया जाता है, तभी उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए, जिससे व्यक्ति स्वयं या पूरा सिस्टम अनावश्यक आलोचना का पात्र बने।
‘जहां जिसकी ड्यूटी है, वहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अधिकारी और कर्मचारी को अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए। टीम भावना के साथ काम करने से बेहतर परिणाम अपने आप सामने आएंगे।




