
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ। लखनऊ की सीबीआई अदालत ने 23 वर्ष पुराने चर्चित अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी।
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2003 में अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
इंद्रदेव सिंह लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे और वर्तमान में नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पिता थे। उनकी हत्या उस समय प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल रही थी।
सीबीआई अदालत के इस फैसले को लंबे समय से लंबित मामले में न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अदालत के आदेश के बाद तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।





