
बागपत। उत्तर प्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल में मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को बागपत का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल का तबादला शासन में विशेष सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक और पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के निदेशक पद पर किया गया है। जिलाधिकारी के तौर पर दिव्यांशु पटेल का यह पहला जिला है।
2017 बैच के IAS अधिकारी हैं दिव्यांशु पटेल
दिव्यांशु पटेल 2017 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से अंबेडकरनगर के रहने वाले दिव्यांशु पटेल की प्रारंभिक शिक्षा बलरामपुर के मॉडर्न इंटर कॉलेज में हुई। इसके बाद उन्होंने एमएलके कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की है। जेएनयू से उन्होंने पीएचडी भी की है।
UPSC परीक्षा में दिव्यांशु पटेल की 204वीं रैंक बताई जाती है। प्रशासनिक सेवा के दौरान वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बाराबंकी, मुख्य विकास अधिकारी उन्नाव तथा विशेष सचिव/अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग जैसे पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
ढाई साल से अधिक मुरादाबाद नगर आयुक्त रहे
दिव्यांशु पटेल ने 29 जनवरी 2024 से मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहर की स्वच्छता, विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई कार्यों पर जोर दिया।
मुरादाबाद में उनके कार्यकाल के दौरान संविधान पार्क, वार म्यूजियम, भारतीय खेलो इंडिया पार्क, श्रीराम वाटिका और हनुमान वाटिका जैसे प्रोजेक्ट चर्चा में रहे। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए उनके सुबह-सुबह फील्ड में निकलने की कार्यशैली भी चर्चा में रही।
बताया जाता है कि उनके कार्यकाल में मुरादाबाद की स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में भी सुधार हुआ। नगर निगम की टैक्स आय में बढ़ोतरी का भी दावा किया गया है।
तीन स्तंभों पर होगी बागपत में कार्ययोजना
बागपत के नए जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने अपनी कार्ययोजना के तीन प्रमुख स्तंभ बताए हैं—नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कामकाज में तकनीक का अधिक इस्तेमाल किया जाएगा। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, खतौनी और शिकायतों जैसी सेवाओं के लिए लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर रहेगा।
उन्होंने विकास कार्यों में जनभागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार गांवों की सफाई और तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी से विकास को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है।
दिल्ली-NCR की नजदीकी का बागपत को मिलेगा लाभ
दिव्यांशु पटेल ने कहा कि बागपत दिल्ली-NCR के करीब है और जिले में विकास की काफी संभावनाएं हैं। उनका फोकस जिले को साफ-सुथरा और बेहतर बनाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी रहेगा।
उन्होंने छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करने की बात कही। साथ ही जिले में सभी वर्गों के बीच समन्वय और सद्भाव बनाए रखने तथा शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर लागू करने पर जोर दिया।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात
नए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति प्रभावी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश केवल फाइलों में विकास दिखाने की नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को अधिक सहज, सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की होगी।
अब बागपत में उनकी प्राथमिकताओं में राजस्व एवं प्रशासनिक समस्याओं का समाधान, डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा, विकास योजनाओं की निगरानी, स्वच्छता, जनभागीदारी और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे।





