
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ विकास प्राधिकरण (लाविप्रा): अलीगंज अग्निकांड के बाद भी सबक नहीं! कैसरबाग बी एन रोड क्षेत्र की दोनों तरफ से संकरी गली में तैयार है बेसमेंट + ग्राउंड + चार मंजिला व्यावसायिक इमारत, फायर सेफ्टी पर उठे सवाल।
लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड की भयावह त्रासदी के बाद जहां पूरे शहर में अग्नि सुरक्षा और अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन सख्ती का दावा कर रहा है, वहीं पुराने लखनऊ के कैसरबाग बी एन रोड क्षेत्र में एक ऐसा निर्माण गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जो भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण (लाविप्र) के ज़ोन-6, बी एन रोड कैसरबाग थाना कैसरबाग क्षेत्र के अंतर्गत विशालकाय अवैध कंपलेक्स परिसर का निर्माण हो रहा हैं !
यहां बेसमेंट + ग्राउंड + चार मंजिला इमारत बनकर पूरी तरह तैयार हो चुकी है और अब उसमें अध्यासन (कब्जा/संचालन) की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, कर्मचारी और ग्राहक आते-जाते हैं।
ऐसी स्थिति में यदि किसी कारणवश आग जैसी आपातकालीन घटना होती है, तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना ही चुनौतीपूर्ण होगा।
भारी भरकम भीड़ बी एन रोड कैसरबाग पर हमेशा बनी रहती है।
वहीं कैसरबाग बी एन रोड फायर ब्रिगेड की गाड़ी का घटनास्थल तक पहुंच पाना भी लगभग असंभव प्रतीत होता है। यही कारण है कि अलीगंज अग्निकांड के बाद यह निर्माण क्षेत्रीय लोगों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, तैयार भवन का उपयोग पूरी तरह व्यावसायिक बताया जा रहा है। जानकारी यह भी है कि भवन में दुकानें बनाकर उनकी बिक्री की जा रही है। यदि ऐसा है, तो यह अवैध व्यवसायिक निर्माण के और वास्तविक उपयोग के बीच गंभीर अंतर का मामला हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित नहीं किया गया है।
यदि यह तथ्य सही पाया जाता है, तो घनी आबादी स्थित इस बहुमंजिला भवन में आग लगने की स्थिति अत्यंत गंभीर रूप ले सकती है।
जानकारी के अनुसार, इस निर्माण पर अब तक केवल नोटिस जारी की गई है, जबकि निर्माण पूरा होकर उपयोग की स्थिति में पहुंच गया है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो क्या इस स्थिति को टाला जा सकता था?
अलीगंज अग्निकांड के बाद शहर में कैसरबाग बी एन रोडअवैध एवं असुरक्षित निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के दावों के बीच यह मामला प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि भवन के मानचित्र, उपयोग, अग्नि सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक स्वीकृतियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




