
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: स्वतंत्रता दिवस का उत्सव केवल तिरंगा फहराने और देशभक्ति के रंग में रंगने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वाराणसी मंडल में सेवा, संवेदना और अपनत्व की खूबसूरत मिसाल भी देखने को मिली। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती वाणी जैन एवं कार्यकारिणी की सदस्याओं ने पूर्वोत्तर रेलवे मंडल चिकित्सालय, वाराणसी पहुंचकर भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और उन्हें मिल रही चिकित्सा एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।
इस दौरान संगठन की ओर से मंडल चिकित्सालय में भर्ती सभी मरीजों को हॉटकेस भेंट किए गए। वहीं स्वतंत्रता दिवस के दिन जन्म लेने वाले नन्हे-मुन्ने नवजात शिशुओं के लिए यह दिन और भी खास बन गया, जब उन्हें संगठन की ओर से विशेष शिशु किट उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इस आत्मीय पहल ने अस्पताल के माहौल में मानवीय संवेदनाओं की गर्माहट घोल दी।
मंडल महिला कल्याण संगठन की इस पहल का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को यह अहसास कराना रहा कि कठिन समय में रेलवे परिवार उनके साथ खड़ा है। स्वतंत्रता दिवस की खुशियों को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का यह प्रयास सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय सरोकारों का जीवंत उदाहरण बना।
देशभक्ति के सुरों से गूंजा चिकित्सालय
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंडल चिकित्सालय के सेमिनार हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पॉपुलर हॉस्पिटल से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नर्सिंग स्टाफ ने देशभक्ति से ओत-प्रोत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों में उत्साह और राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार किया। गीत-संगीत और प्रस्तुतियों से अस्पताल का वातावरण कुछ देर के लिए उत्सव की उमंग में बदल गया।
कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री अशोक कुमार वर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री अजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. जे. चौधुरी, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. आर. सिंह सहित मंडल चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी तथा मंडल महिला कल्याण संगठन की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ यादगार बना कि राष्ट्रसेवा का अर्थ केवल कर्तव्य निभाना नहीं, बल्कि जरूरत की घड़ी में संवेदना का हाथ बढ़ाना भी है। मरीजों के चेहरों पर मुस्कान और नवजातों के लिए मिले स्नेहिल उपहारों ने स्वतंत्रता दिवस की खुशियों को एक मानवीय स्पर्श दे दिया।





