
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi. थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT), कमिश्नरेट वाराणसी में तैनात उप निरीक्षक निलिता सिंह को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, उत्कृष्ट विवेचनात्मक कार्य एवं लंबे समय से लापता दो नाबालिग बालिकाओं की सकुशल बरामदगी में उल्लेखनीय योगदान के लिए डीजीपी सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश की ओर से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
उप निरीक्षक निलिता सिंह ने अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए बालिकाओं से संबंधित चुनौतीपूर्ण मामलों में संवेदनशीलता और प्रभावी कार्रवाई का परिचय दिया। लंबे समय से लापता बालिकाओं की तलाश और उनकी सकुशल बरामदगी के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप दोनों मामलों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई।
तीन साल से लापता बालिका को जौनपुर से खोज निकाला
उप निरीक्षक निलिता सिंह के प्रयासों से लगभग तीन वर्ष से लापता एक नाबालिग बालिका को जनपद जौनपुर से सकुशल बरामद किया गया। इसी प्रकार लगभग एक वर्ष से लापता दूसरी बालिका को जनपद सीतापुर से बरामद करने में भी सफलता मिली।
दोनों मामलों में उपलब्ध सूचनाओं, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार किए गए प्रयासों के आधार पर बालिकाओं की तलाश की गई। सकुशल बरामदगी के बाद दोनों बालिकाओं को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता का उदाहरण
उप निरीक्षक निलिता सिंह की यह उपलब्धि महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता तथा संवेदनशील और प्रभावी पुलिसिंग का उल्लेखनीय उदाहरण मानी जा रही है। उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए पुलिस अधिकारियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अपर पुलिस उपायुक्त, महिला अपराध, कमिश्नरेट वाराणसी की ओर से जारी इस जानकारी में उप निरीक्षक निलिता सिंह के कार्य को विशेष रूप से सराहनीय बताया गया है।




