
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। भारत सरकार द्वारा आयोजित ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतर्गत प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विभिन्न देशों के गणमान्य प्रतिनिधियों का आगमन हुआ। विदेशी अतिथियों के सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में भव्य सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में काशी की प्राचीन और समृद्ध संगीत परंपरा का विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसने विदेशी मेहमानों को भारतीय संस्कृति की गहराई और विविधता से परिचित कराया। इस अवसर पर जिला प्रशासन वाराणसी के सांस्कृतिक सलाहकार पंडित अंशुमान महाराज के निर्देशन में संचालित ‘काशी रस वाद्य वृंद’ ने मनमोहक सांगीतिक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान पंडित अंशुमान महाराज, डॉ. आनंद कुमार मिश्रा (सितार), पंडित रामकुमार मिश्र (पखावज), पंडित उदय शंकर मिश्रा (तबला) तथा रवि कुमार प्रजापति (बांसुरी) ने राग भीमपलासी पर आधारित फ्यूजन संगीत की अद्भुत प्रस्तुति दी। भारतीय शास्त्रीय संगीत और आधुनिक प्रयोगों के समन्वय से सजी इस प्रस्तुति ने विदेशी प्रतिनिधियों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उपस्थित अतिथियों ने जोरदार तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विदेशी प्रतिनिधियों तथा कलाकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सौरभ श्रीवास्तव, अशोक कुमार तिवारी, हंसराज विश्वकर्मा, अवधेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष मोर्डिया, पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण तथा प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। विदेशी प्रतिनिधियों ने काशी की सांस्कृतिक धरोहर, भारतीय शास्त्रीय संगीत और स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की।
उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान का सशक्त प्रतीक बताया। यह आयोजन न केवल भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का परिचायक बना, बल्कि ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद, सहयोग और मैत्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सफल रहा।





