
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी की कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को थाना सिगरा क्षेत्रांतर्गत वाराणसी जंक्शन के सामने नवस्थापित पुलिस सहायता केन्द्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों को सुरक्षित, सहज एवं भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्रतिबद्धता है।
वाराणसी जंक्शन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में यात्रियों, स्थानीय नागरिकों तथा व्यापारियों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सहायता केन्द्र की स्थापना की गई है। यह केन्द्र क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि सहायता केन्द्र पर तैनात पुलिसकर्मी क्षेत्र में निरंतर निगरानी रखेंगे तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपात स्थिति अथवा सुरक्षा संबंधी सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उनकी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं शीघ्र निस्तारण करें।
उन्होंने कहा कि यह पुलिस सहायता केन्द्र विशेष रूप से महिला सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता तथा बाहर से आने वाले यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इसके माध्यम से आमजन को पुलिस सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी तथा सुरक्षा संबंधी मामलों में त्वरित सहायता मिल सकेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सहायता केन्द्र के संचालन से अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था के सुचारु संचालन, भीड़ प्रबंधन तथा विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में पुलिस को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। साथ ही रेलवे स्टेशन परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा।
उद्घाटन समारोह में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, सहायक पुलिस आयुक्त शुभम कुमार, प्रभारी निरीक्षक सिगरा शिवाकांत मिश्रा सहित कमिश्नरेट पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुलिस सहायता केन्द्र के शुभारंभ को वाराणसी की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे यात्रियों, स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों को बेहतर सुरक्षा और त्वरित पुलिस सहायता प्राप्त होगी।





