
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनमें राम मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
धर्म सेना अध्यक्ष ने FIR दर्ज करने की उठाई मांग
पहली शिकायत ‘धर्म सेना’ के अध्यक्ष संतोष दुबे की ओर से दर्ज कराई गई है। संतोष दुबे राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
यूथ कांग्रेस ने ट्रस्ट पदाधिकारियों को हटाने की मांग की
दूसरी शिकायत यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि जांच पूरी होने तक संबंधित ट्रस्ट पदाधिकारियों को उनके पदों से हटाया जाए।
शरद शुक्ला का कहना है कि जब तक वही लोग ट्रस्ट के संचालन में बने रहेंगे, तब तक मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच संभव नहीं हो पाएगी।
अजय राय ने लगाए गंभीर आरोप, न्यायिक निगरानी में जांच की मांग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कथित गबन को “सामूहिक लूट” करार देते हुए आरोप लगाया कि ट्रस्ट के महत्वपूर्ण पदों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों की नियुक्ति की गई है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से पूरी हो सके।
पुलिस ने शुरू की प्रारंभिक जांच
फिलहाल पुलिस ने दोनों शिकायतों को दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामले के सार्वजनिक होने के बाद अयोध्या में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में जांच की दिशा और इस पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




