
संभल में कांवड़ यात्रा के दौरान जारी प्रशासनिक नोटिस को लेकर विवाद गहरा गया है। तमन्ना मलिक के पति अमन त्यागी ने प्रशासन के नोटिस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि संविधान प्रत्येक महिला को अपनी पसंद के वस्त्र पहनने का अधिकार देता है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि नोटिस किसी के अधिकारों का हनन करने के लिए नहीं, बल्कि संभावित कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियात के तौर पर जारी किया गया है।
अमन त्यागी ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से नोटिस मिला, जिसमें कांवड़ यात्रा के दौरान उनकी पत्नी के बुर्का पहनने को लेकर आपत्ति जताई गई। इस संबंध में वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि संविधान किसी भी महिला को अपनी पसंद के अनुसार वस्त्र पहनने की स्वतंत्रता देता है और किसी के पहनावे के आधार पर उस पर रोक लगाना संविधान की भावना के विपरीत है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष भी तमन्ना मलिक कांवड़ यात्रा में शामिल हुई थीं और यात्रा के दौरान उन्हें कई श्रद्धालुओं का समर्थन मिला था। अमन त्यागी ने सवाल उठाया कि इस बार प्रशासन की ओर से नोटिस क्यों जारी किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार हरिद्वार जाकर भगवान शिव के लिए कांवड़ लाएंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल महिलाओं के पहनावे की स्वतंत्रता के अधिकार की बात करना है, न कि किसी विशेष वेशभूषा पर जोर देना।
इस बीच, संभल के एसडीएम विकास चंद्र ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए बताया कि थाना असमोली से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित धाराओं के तहत नोटिस जारी किया गया। रिपोर्ट में पिछले वर्ष प्रस्तावित कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित शांति व्यवस्था संबंधी स्थिति का उल्लेख किया गया था।
एसडीएम के अनुसार, चूंकि दोनों अलग-अलग समुदायों से संबंधित हैं, इसलिए संभावित कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि नोटिस का उद्देश्य केवल संबंधित पक्षों को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और आवश्यक मुचलका दाखिल करने के लिए कहना था। अमन त्यागी न्यायालय में उपस्थित होकर अपना जवाब दाखिल कर चुके हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है तथा यह किसी व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने के उद्देश्य से नहीं की गई है।




