
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
Tehri: उत्तराखंड की पहाड़ियों में स्थित मां चंद्रबदनी मंदिर आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति का अनूठा संगम माना जाता है। टिहरी गढ़वाल जिले में समुद्र तल से करीब 2,277 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर की सबसे खास विशेषता यह है कि यहां गर्भगृह में देवी की प्रतिमा के स्थान पर श्री यंत्र की पूजा की जाती है।
मां चंद्रबदनी को मनोकामना पूर्ण करने वाली देवी के रूप में श्रद्धालु पूजते हैं। मंदिर से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों और घने जंगलों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है।
कुंजापुरी और सुरकंडा के बाद टिहरी का प्रमुख शक्ति स्थल
मां सती को समर्पित चंद्रबदनी मंदिर को कुंजापुरी और सुरकंडा देवी मंदिर के बाद टिहरी क्षेत्र का प्रमुख शक्ति स्थल बताया जाता है। मंदिर के गर्भगृह में श्री यंत्र को कपड़े के छत्र के नीचे स्थापित किया गया है। मंदिर के पुजारी और श्रद्धालु इसी श्री यंत्र की पूजा-अर्चना कर देवी का आशीर्वाद लेते हैं।
मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सती का धड़ इस स्थान पर गिरा था। मान्यता है कि उस समय माता के कुछ त्रिशूल और प्रतिमाएं भी यहां गिरी थीं, जिसके चलते मंदिर के आसपास आज भी त्रिशूल और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं देखी जाती हैं।
हिमालय की चोटियों का दिखता है मनमोहक नजारा
जामनीखाल गांव में स्थित यह मंदिर आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों का शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है। साफ मौसम में दूर बर्फ से ढकी पर्वत चोटियां दिखाई देती हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर का ट्रेक भी करना पड़ता है, जो यात्रा को रोमांचक बनाता है।
CM धामी ने वीडियो साझा कर बताया आस्था और प्रकृति का संगम
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मां चंद्रबदनी मंदिर का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने मंदिर को आस्था, प्रकृति और दिव्यता के संगम वाला स्थल बताते हुए लोगों से टिहरी गढ़वाल आने पर मंदिर के दर्शन करने की अपील की।



