
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले की गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंश संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में गौशालाओं में हरे चारे, भूसे, टीन शेड, पेयजल, सीसीटीवी कैमरों, बीमार पशुओं के उपचार तथा मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसा उपलब्ध रहे तथा पशुओं को भूसे के साथ हरा चारा, चोकर और खली मिलाकर खिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल सूखा भूसा खिलाए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी को देखते हुए उन्होंने प्रत्येक गौशाला में टीन शेड की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही टीन शेड पर पुआल डालकर सुबह-शाम पानी का छिड़काव करने तथा पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने बीमार पशुओं के समय पर उपचार, मृत पशुओं के विधिवत निस्तारण, सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरों के सुचारु संचालन तथा क्षतिग्रस्त बाउंड्री की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पशुओं को छाया उपलब्ध कराने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण कराने पर भी विशेष बल दिया।





