
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), वाराणसी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमों ने गुरुवार को बाढ़ संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रेक्की कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और राहत-बचाव की तैयारियों को परखा।
कमांडिंग ऑफिसर श्री अनूप सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम ने गंगा और वरुणा नदी के तटीय एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, संवेदनशील स्थलों और स्थानीय परिस्थितियों का गहन आकलन किया गया। टीम ने आपात स्थिति में बचाव, राहत और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारियों की भी समीक्षा की।
एनडीआरएफ की सक्रियता के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से भी लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। इस क्रम में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार, काशी एवं वरुणा जोन के डीसीपी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक समन्वय एवं विचार-विमर्श किया गया।
वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर 70.61 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। ऐसे में एनडीआरएफ द्वारा नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें जल गश्त कर स्थिति का आकलन कर रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।
एनडीआरएफ की यह सक्रियता बाढ़ जैसी आपदा के दौरान ‘आपदा आने का इंतजार नहीं, उससे पहले तैयारी’ की रणनीति को दर्शाती है। टीमों की लगातार रेक्की, जल गश्त और प्रशासनिक एजेंसियों के साथ समन्वय से संभावित आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारियों को मजबूती मिल रही है।
11वीं वाहिनी एनडीआरएफ किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी बचाव और राहत कार्य के लिए पूरी तरह तैयार है। जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर तालमेल बनाए रखते हुए एनडीआरएफ ने किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया और प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।




