
-7.64 किमी लंबे विद्युतीकृत रेलखंड के निरीक्षण के बाद निर्धारित अधिकतम गति से हुआ सफल परीक्षण
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में गोरखपुर छावनी–पनियहवा दोहरीकरण परियोजना के तहत गोरखपुर छावनी–उनौला के बीच 7.64 किलोमीटर लंबे दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त ने गुरुवार को गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद ओएमएस स्पेशल ट्रेन से निर्धारित अधिकतम गति पर सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया।
रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वोत्तर परिमंडल, लखनऊ ई. श्रीनिवास ने गोरखपुर छावनी स्टेशन से निरीक्षण की शुरुआत की। उन्होंने यार्ड रीमॉडलिंग, वी.डी.यू. पैनल, रिले रूम, संरक्षा उपकरणों में किए गए बदलाव और प्वाइंट संख्या 221A का निरीक्षण किया। साथ ही नव विद्युतीकृत लाइन में प्रयुक्त फिटिंग्स की मानक स्थिति तथा प्लेटफॉर्मों की ऊंचाई और ट्रैक से उनकी दूरी का भी परीक्षण किया।
इसके बाद मोटर ट्रॉली से गोरखपुर छावनी–उनौला ब्लॉक सेक्शन का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्विच एक्सटेंशन ज्वाइंट, समपार फाटकों, कर्व, पुल, ओवरहेड ट्रैक्शन प्रणाली, रेलपथ, बैलास्ट, सिग्नल पोस्ट एवं पोल्स समेत विभिन्न संरक्षा मानकों की जांच की गई। समपार फाटक पर गेटमैन के संरक्षा ज्ञान को भी परखा गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अनुज मित्तल, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन, मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ गौरव अग्रवाल सहित निर्माण संगठन, मुख्यालय और दोनों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के उपरांत रेल संरक्षा आयुक्त ने ओएमएस स्पेशल ट्रेन से उनौला से गोरखपुर छावनी रेलखंड पर अधिकतम निर्धारित गति से सफल स्पीड ट्रायल पूरा किया। रेलखंड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण से इस मार्ग पर रेल परिचालन को अधिक सुगम, सुरक्षित और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।




