
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के एक सांसद के बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एनसी सांसद मोहम्मद रमजान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
रिपोर्टों के मुताबिक, सांसद ने कहा कि पीओके एक अलग देश का हिस्सा है और वहां के मामलों की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। यह टिप्पणी भारत सरकार के उस आधिकारिक रुख से अलग है, जिसके अनुसार पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इस बयान पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इसी बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा समाप्त कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई और कहा कि मौजूदा व्यवस्था में निर्वाचित सरकार के अधिकार सीमित हो गए हैं।
वहीं, हाल ही में भारत सरकार ने भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कराए जा रहे स्थानीय चुनावों को लेकर अपना रुख दोहराया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि पीओके में कराए जा रहे तथाकथित स्थानीय चुनाव वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकते और भारत का स्पष्ट मत है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पीओके भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है।
एनसी सांसद के बयान और केंद्र सरकार के आधिकारिक रुख के बीच आए इस अंतर को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज होने की संभावना है।





