
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस की विवेचना में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य बताया गया है। 23 सितंबर को आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने की पुष्टि हुई है।
CCTV फुटेज में कई बार रकम हटाने का दावा
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और कथित तौर पर एक-दूसरे की मदद करने की कई घटनाएं सामने आईं। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर उसे कपड़ों और कमर में छिपाते हुए दिखाई दिया। रिपोर्ट में चार बार अन्य आरोपियों की मदद करने का भी उल्लेख है।
पुलिस के अनुसार, करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-आरोपियों की मदद करते दिखाई दिए। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सहयोग करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा भी एक बार रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई देने का दावा किया गया है।
2.25 लाख रुपये बाथरूम में छिपाने का भी आरोप
विवेचना के अनुसार, 4 जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपये की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर घटना का वीडियो और संदेश भेजा था।
पुलिस का कहना है कि साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई गई। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया।
नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण बरामद करने का दावा
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर और आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात कही गई है।
मनीष कुमार यादव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी नकदी बरामद होने का उल्लेख है। जांच के दौरान विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहनों को जब्त किए जाने की बात सामने आई है।
संपत्ति खरीदने में रकम इस्तेमाल करने का आरोप
चार्जशीट में पुलिस ने कथित गबन की रकम के इस्तेमाल से जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने का भी उल्लेख किया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपये का मकान खरीदा गया, जिसमें 54.5 लाख रुपये अपराध से अर्जित रकम से खर्च किए जाने का दावा है।
इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपये भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपये की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपये खर्च करने का आरोप है।
रमाशंकर मिश्रा पर 12 लाख रुपये का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां खरीदने का उल्लेख है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपये की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है।
133 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य शामिल
चार्जशीट में 133 गवाहों के बयान शामिल किए जाने की बात कही गई है। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच संपर्क तथा रकम को छिपाने और बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
मामले में नामजद आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और आठों आरोपियों की अगली पेशी 7 अक्टूबर को होनी है।




