
पुणे। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के बीच बढ़ती नाराजगी अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की मांग करते हुए देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है और कहा है कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पुणे से शुरू हुआ अभियान, जारी किया शिक्षा घोषणापत्र
पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के संस्थापक Abhijeet Deepke ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत Savitribai Phule Pune University परिसर से की जा रही है। इस दौरान संगठन ने अपना ‘शिक्षा घोषणापत्र’ भी जारी किया।
घोषणापत्र में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा
दीपके ने कहा कि संगठन का विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और संविधान के दायरे में रहकर अपनी मांगों को उठाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान में प्रसिद्ध सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के शामिल होने की संभावना है।
कई शहरों से होते हुए दिल्ली पहुंचेगा आंदोलन
सीजेपी के अनुसार, यह अभियान केवल पुणे तक सीमित नहीं रहेगा। आंदोलन जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु सहित कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा। इसके बाद 20 जून को नई दिल्ली स्थित Jantar Mantar पर एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
सरकार पर लगाए उपेक्षा के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने आरोप लगाया कि संगठन संवाद के लिए तैयार है, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को निलंबित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद की आवश्यकता है।
संगठन का कहना है कि यह अभियान छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर आगे भी जारी रहेगा।




