
New Delhi: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना जोन ने बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में शुक्रवार को बिहार के गया स्थित मेसर्स रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) के खिलाफ पीएमएलए की धारा 17 के तहत व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कंपनी को अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत व नितेश द्वारा नियंत्रित किया जाता है। ईडी की टीम ने गया में छह, गुरुग्राम में दो और नई दिल्ली में एक स्थान समेत कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली।
85 करोड़ के लोन में 58 करोड़ के दुरुपयोग का आरोप
जांच में सामने आया कि आरएचआरएल ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से करीब 85 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। आरोप है कि इसमें से लगभग 58 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया। यह ऋण कथित तौर पर कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा दी गई फर्जी प्रोजेक्ट कंप्लीशन रिपोर्ट के आधार पर हासिल किया गया था।
लोन के लिए अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत गारंटी भी बैंकों को दी गई थी।
कम कीमत पर बेची गईं गिरवी संपत्तियां
जांच एजेंसी के अनुसार, समूह की एक संबंधित कंपनी की देनदारी के बदले पांच संपत्तियां टाटा मोटर्स लिमिटेड के पास गिरवी रखी गई थीं। आरोप है कि हाल में गिरवी रखी गई इन संपत्तियों को बाद में बेहद कम कीमत पर बेच दिया गया और बिक्री दस्तावेजों में भुगतान को नकद के रूप में दर्शाया गया।
ईडी को संदेह है कि कुछ खरीदार कम आय वाले लोग हैं और इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था करने की स्थिति में नहीं थे। एजेंसी को आशंका है कि ये लोग अखौरी गोपाल के बेनामीदार या प्रॉक्सी हो सकते हैं। जांच के मुताबिक, संपत्तियों को बेचने का उद्देश्य उन्हें संभावित कार्रवाई से बचाने के लिए हटाना था।
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, इस मामले में अपराध से अर्जित आय (POC) करीब 131.79 करोड़ रुपये (NPA वैल्यू) बताई गई है।
कोलकाता जोन में भी कई ठिकानों पर ईडी की तलाशी
इसी दौरान ईडी के कोलकाता जोनल कार्यालय ने पीएमएलए, 2002 के तहत एआरएसएस ग्रुप (ओडिशा) और एएमआर/एएमआरएल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया।
एआरएसएस ग्रुप से जुड़े लोगों में इसके पूर्व प्रमोटर और निदेशक परिवार के सदस्य अनिल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और सुभाष अग्रवाल शामिल हैं। वहीं, एएमआर/एएमआरएल ग्रुप का संबंध प्रमोटर महेश कुमार रेड्डी अल्थुरु से बताया गया है।
यह कार्रवाई SREI Infrastructure Finance Limited (SIFL) और SREI Equipment Finance Limited से लिए गए कथित फर्जी और अनियमित ऋणों तथा उनके भुगतान में चूक की जांच के तहत की जा रही है। जांच में फंड की ‘एवरग्रीनिंग’, फंड को दूसरी जगह लगाने, राउंड-ट्रिपिंग और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
ईडी की यह तलाशी कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में कई स्थानों पर जारी है।





