
नई दिल्ली: गर्मियों के मौसम में आमतौर पर गर्म तासीर वाली चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बाहरी तापमान के साथ-साथ शरीर में भी पित्त बढ़ने लगता है। ऐसे में ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी बीच सवाल उठता है कि क्या गर्मी में शहद का सेवन करना हानिकारक हो सकता है।
आयुर्वेद में शहद को अमृत समान माना गया है, हालांकि इसकी तासीर गर्म और नमी प्रदान करने वाली होती है। खास बात यह है कि इसे ‘योगवाही’ द्रव्य कहा जाता है, यानी यह जिस पदार्थ के साथ मिलाया जाए, उसी के गुणों को ग्रहण कर लेता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर शहद का सेवन सीधे किया जाए तो यह शरीर में पित्त बढ़ाकर गर्मी और जलन पैदा कर सकता है। लेकिन सही तरीके से लेने पर इसके प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, सुबह खाली पेट मिट्टी के घड़े के पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और वजन नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
गर्मियों में सत्तू का सेवन आम है। इसमें चीनी की जगह शहद मिलाकर पीना एक बेहतर विकल्प माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करता है और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
इसके अलावा, दोपहर के समय दही के साथ शहद का सेवन भी फायदेमंद माना गया है। यह मिश्रण एक अच्छा प्रोबायोटिक बनाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और लू से बचाव में सहायक होता है।
हालांकि, आयुर्वेद में यह सख्त चेतावनी दी गई है कि शहद को घी के साथ नहीं लेना चाहिए। इसे ‘विरुद्ध आहार’ माना जाता है, जो शरीर में गर्मी बढ़ाकर वात और पित्त का असंतुलन पैदा कर सकता है।




