
Lucknow: पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क से कथित संबंधों की जांच के बीच उत्तर प्रदेश एटीएस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, एटीएस की टीमों ने लखनऊ समेत प्रदेश के करीब 10 जिलों में संदिग्धों के घरों और अन्य ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इनमें सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ समेत अन्य जिले शामिल बताए जा रहे हैं।
150 से अधिक संदिग्धों के संपर्क और गतिविधियों की जांच
बताया जा रहा है कि एटीएस की मौजूदा कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आए नए नामों और संपर्कों के आधार पर की जा रही है। एजेंसी 150 से अधिक ऐसे लोगों की गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही है, जिनके बारे में पूछताछ के दौरान जानकारी सामने आई थी।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन लोगों में से किनका नेटवर्क से वास्तविक संबंध था और उनकी भूमिका क्या रही। केवल संपर्क या बातचीत के आधार पर किसी व्यक्ति की संलिप्तता को निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा रहा है।
सोशल मीडिया और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच
एटीएस संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, संपर्कों और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही वित्तीय लेनदेन और डिजिटल नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
एजेंसी के स्तर पर अब तक कई संदिग्धों से पूछताछ किए जाने और उनके डिजिटल संपर्कों का विश्लेषण जारी रहने की जानकारी है।
पहले की गिरफ्तारियों से जुड़े हैं नए सुराग
पिछले कुछ महीनों में शहजाद भट्टी नेटवर्क से कथित रूप से जुड़े मामलों में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। अगस्त 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार, 52 गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद 150 से अधिक संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात सामने आई थी।
एटीएस की जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि इनमें से कौन लोग केवल संपर्क में थे और किनकी नेटवर्क की गतिविधियों में कथित सक्रिय भूमिका रही।
गृह मंत्रालय ने सितंबर में घोषित किया आतंकवादी संगठन
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया। मंत्रालय की आधिकारिक आतंकवादी संगठनों की सूची में भी शाहजाद भट्टी नेटवर्क को शामिल किया गया है।
मंत्रालय की ओर से नेटवर्क पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के आधार पर केंद्रीय स्तर पर भी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
यूपी एटीएस अब हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के जरिए नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।





