
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल अर्जी पर बुधवार को सुनवाई हुई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ)/एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन इस मामले में सुनवाई के दौरान वादी की ओर से संबंधित दस्तावेजों की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की गई। अदालत ने विपक्षी पक्ष को कॉपी उपलब्ध कराने का आदेश देते हुए मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता अनुज यादव उपस्थित रहे।
प्रकरण के अनुसार, अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ)/एमपी-एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ एक संवाद कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम और रामायण से संबंधित कथित विवादित टिप्पणियां की थीं।
परिवादी का आरोप है कि राहुल गांधी ने भगवान श्रीराम को ‘पौराणिक’ बताते हुए राम से संबंधित कथाओं को काल्पनिक बताया तथा भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए। अर्जी में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन टिप्पणियों से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और राहुल गांधी ने राम मंदिर का भी विरोध किया।
इस मामले में दाखिल अर्जी को 27 मई 2025 को निचली अदालत ने परिवाद-पत्र पोषणीय नहीं होने के आधार पर खारिज कर दिया था। इसके बाद परिवादी अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने उक्त आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन अर्जी दाखिल की। सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद मामले को पुनः निचली अदालत में भेजते हुए अर्जी पर सुनवाई करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में वर्तमान में निचली अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप न्यायालय में विचाराधीन हैं; इन पर अंतिम न्यायिक निर्णय होना अभी बाकी है।




