
- रिपोर्ट: पंकज झा
प्रयागराज। करेली खानम आर्ट गैलरी में आयोजित 15 दिवसीय समर कैंप का आज एक भव्य समारोह के साथ सफल समापन हुआ। इस अवसर पर प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें केजी से लेकर बीए तक के बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
रचनात्मकता और सीख का संगम बना समर कैंप
इस समर कैंप में प्रतिभागी बच्चों को स्केचिंग, ड्रॉइंग, कलरिंग, पेंटिंग, नेचर ड्रॉइंग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व की भी जानकारी दी गई। बच्चों ने न केवल कला के विभिन्न आयाम सीखे, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित किया।
कैंप की विशेष गतिविधियों में एक्रिलिक ऑन कैनवस पेंटिंग, पेपर बैग मेकिंग, “गोल्डन ट्रीज आर्ट” और डिजाइनर कप-केक डेकोरेशन शामिल रहे। अंतिम सत्र में प्रशिक्षक सबा बानो ने कप-केक डेकोरेशन की बारीकियाँ सिखाईं, जबकि प्रशिक्षक सुधा ने बच्चों को प्लास्टिक के विकल्प के रूप में पेपर बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया।
पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
समर कैंप के दौरान बच्चों ने “प्लास्टिक मुक्त भारत” का संदेश देते हुए स्वयं पेपर बैग तैयार किए और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। यह पहल बच्चों में जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों का विकास करने वाली रही।
मुख्य अतिथि ने किया प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कलाकार एवं राज्य ललित कला अकादमी के सदस्य रवीन्द्र कुशवाहा ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर अभ्यास और रचनात्मकता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर गैलरी निदेशक डॉ. ज़ाहेद खानम ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और गिफ्ट पैक भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सारा मुख्तार भी उपस्थित रहीं।
“कला के साथ संस्कार भी सीख रहे बच्चे” – डॉ. ज़ाहेदा खानम
खानम आर्ट गैलरी की निदेशक डॉ. ज़ाहेदा खानम ने कहा कि बच्चों ने इस कैंप में सिर्फ कला नहीं सीखी, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण संस्कार भी आत्मसात किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये बच्चे आगे चलकर अपने परिवार, समाज और पर्यावरण के लिए सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनेंगे।
कार्यक्रम का समापन उत्साह, सम्मान और रचनात्मक ऊर्जा के साथ हुआ, जिसमें बच्चों की मुस्कान और उपलब्धियाँ सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आईं।




