
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। राजभाषा के प्रचार-प्रसार एवं हिंदी साहित्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन में पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के राजभाषा विभाग द्वारा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में गोस्वामी तुलसीदास जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ मंडल आंकड़ा संसाधन प्रबंधक सह राजभाषा अधिकारी आशुतोष कुमार पाण्डेय ने गोस्वामी तुलसीदास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी तुलसीदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर कर्मचारियों ने गोस्वामी तुलसीदास जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनकी साहित्यिक उपलब्धियों को याद किया। वरिष्ठ अनुवादक श्रीमती पूनम त्रिपाठी ने कार्यक्रम का संचालन किया और तुलसीदास जी के जीवन तथा उनके साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। सुरेन्द्र यादव एवं हरपाल सिंह ने तुलसीदास जी की रचनाओं का काव्य पाठ कर कार्यक्रम को साहित्यिक रंग प्रदान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य के भक्तिकाल के महान कवि और रामभक्ति परंपरा के प्रमुख संत कवि थे। उत्तर प्रदेश के राजापुर में जन्मे तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, लोककल्याण एवं मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया। उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति ‘रामचरितमानस’ अवधी भाषा में रचित हिंदी साहित्य की अमूल्य कृति मानी जाती है।
इसके अतिरिक्त ‘विनय पत्रिका’, ‘कवितावली’, ‘गीतावली’, ‘दोहावली’, ‘हनुमान बाहुक’ एवं ‘जानकीमंगल’ उनकी प्रमुख रचनाओं में शामिल हैं। उनकी काव्य रचनाओं में भक्ति, नीति, लोकमंगल, समन्वय एवं मानवीय संवेदनाओं का सुंदर समावेश दिखाई देता है। ‘रामचरितमानस’ के माध्यम से उन्होंने श्रीराम के आदर्श जीवन एवं मर्यादा को जनभाषा में प्रस्तुत कर भारतीय समाज एवं संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला। उनकी रचनाएं आज भी भारतीय साहित्य, संस्कृति और जनमानस में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग से हिमांशु राव एवं संतोष कुमार, कार्मिक विभाग से श्रीमती शिवानी सिंह एवं अमन श्रीवास्तव, परिचालन विभाग से सुरेन्द्र यादव, राजभाषा विभाग से श्रीमती पूनम त्रिपाठी, श्रीमती ममता यादव, अमित कुमार साव एवं हरपाल सिंह, संरक्षा विभाग से श्रीमती रीना सिंह तथा वाणिज्य विभाग से श्रीमती संजू मिश्रा एवं श्रीमती सुधा खरवार सहित अन्य पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में राजभाषा विभाग की श्रीमती ममता यादव ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।





