
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: तारून स्थित एक निजी अस्पताल पब्लिक हास्पिटल के कथित झोला छाप डा.अनूप सिंह द्वारा गलत ऑपरेशन के बाद अनुराधा की मौत हो गयी। तारून ब्लाक के सराय सागर निवासी विश्वास यादव की 24 वर्षीय पत्नी अनुराधा यादव समाज तारून स्थित एक निजी अस्पताल पब्लिक हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां कथित रूप से झोला छाप डा.अनूप सिंह द्वारा आपरेशन के बाद युवती की हालत नाजुक हो गई। उसके पति को ब्लड लाने के बहाने भेजकर अस्पताल द्वारा उसे दर्शन नगर स्थित मेडिकल काॅलेज लाया गया, जहां डाक्टर ने मरीज को भर्ती करने से मना करने पर परिवार की अनुपस्थिति में एम्बुलेंस द्वारा लोहिया अस्पताल लेकर गया और वहाँ भी भर्ती न करने पर डायलिसिस पर एक सेंटर पर भर्ती कराया और बाद में लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल चरक में पुनः भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों ने अनुराधा को वेंटीलेटर पर रखकर कथित रूप से परिवार से 12 लाख रूपये वसूल लिया।
डायलिसिस के नाम पर भी 92 हजार जमा कराया गया।परिवारी जनों के अनुसार अनुराधा की मौत तारून में ही हो चुकी थी परन्तु उसे अनायाश हालत बिगड़ने पर अस्पताल द्वारा लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया , जहां पीड़ित से 12 लाख रूपये की वसूली की गयी।लखनऊ के कई अस्पतालों में चक्कर लगाने के बाद एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 5 दिन बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिवारी जनों ने तारून स्थित अस्पताल पर अकुशल डाक्टर पर गलत आपरेशन कर मार डालने का आरोप लगाया है कि अनुराधा की मौत झोला छाप डाक्टर के कारण हो गई है जिससे अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की जाये तथा उसे क्षतिपूर्ति के रूप में 12 लाख रूपया दिया जाये।
अनुराधा यादव की मौत से उसके दो बच्चियों के ऊपर से मां का साया हटने से दु:ख का पहाड़ टूट गया है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आम चर्चा के अनुसार तारून स्थित अस्पताल मौत का घर है।जनचर्चा के अनुसार अभी तक इस अस्पताल में प्रसव के बाद आधा दर्जनों महिलाओं की मौत हो चुकी है।
गोशाईंगंज विधानसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी के प्रभारी/प्रत्याशी चौ.लौटनराम निषाद ने आरोप लगाया है कि उस अस्पताल के संचालक को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है। अकुशल व अप्रशिक्षित होने के बाद भी गलत तरीके से सिजेरियन ऑपरेशन करने से बच्ची की मौत हो गयी है।अस्पताल के पास जांच-पड़ताल व चिकित्सा व ऑपरेशन की उचित व्यवस्था न होने के बाद भी अप्रशिक्षित झोलाछाप डाक्टर ने ऑपरेशन कर मौत के घाट उतार दिया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्वजातीय होने व स्थानीय विधायक का संरक्षण मिलने के कारण हास्पिटल में इस तरह की कई घटनाये कारित होने के बाद भी अभी तक कोई डण्डात्मक कार्यवाही नहीं हुई।
अयोध्या जनपद में चिकित्सा क्षेत्र में बङे पैमाने पर गोरखधंधा चल रहा है। उन्होंने झोलाछाप डाक्टर के उपर हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर तत्काल गिरफ्तार करने, हास्पिटल को सील करने व पीङित परिवार को 50 लाख मुआवजा दिलाने व गलत तरीके से इलाज के नाम पर की गयी 12 लाख की वसूली को वापस दिलाने की जिला प्रशासन व मुख्यमंत्री से मांग किया है।
पीएम हाउस पर सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव, सपा जिलाध्यक्ष जयसिंह यादव, अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष रामकरन यादव एड, बंशीलाल यादव एड, समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव जगन्नाथ पाल, प्रदेश सचिव छोटेलाल यादव, संदीप यादव एड,नन्हकन यादव, सुरेश यादव, तूफानी यादव, शिवपाल पाल, डीडीसी अतुल यादव, अवधेश यादव, अशोक यादव, लालजी यादव एड, ललित यादव, अमरनाथ यादव प्रधान, सियाराम निषाद, आशिक यादव, रविन्द्र चौरसिया आदि सहित हजारों सपा नेता, कार्यकर्ता पीएम हाउस पर डटे रहे।




