
- रिपोर्ट: पंकज झा ✍️✍️
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या की चिंता करने की बजाय पहले आत्ममंथन और पश्चाताप करना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “अखिलेश जी, आप अयोध्या की चिंता मत करिए, पहले पश्चाताप करिए। एक बार प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर लीजिए, कम से कम इसी से सद्बुद्धि आएगी।” उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, उन्हें अब देश और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए अपनी सोच पर पुनर्विचार करना चाहिए।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के माध्यम से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ, उसी प्रकार अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी खुलकर अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से इस विषय पर स्पष्ट और निर्भीक होकर अपनी राय रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और वैचारिक मुद्दों को लेकर बहस तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वहीं, विपक्ष की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
सीएम योगी का यह बयान एक बार फिर अयोध्या और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ले आया है।




