
-गंगा का जलस्तर सामान्य होने का दावा, निषाद समाज ने डीएम से तत्काल नाव संचालन शुरू कराने की उठाई आवाज
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। काशी में गंगा नदी में नाव संचालन पर प्रशासनिक प्रतिबंध के चलते नाविक एवं मल्लाह निषाद समाज के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मां गंगा निषादराज सेवा समिति उत्तर प्रदेश ने जिलाधिकारी वाराणसी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर नाव संचालन पर लगाए गए प्रतिबंध की समीक्षा करते हुए तत्काल नौका संचालन शुरू कराने की मांग की है। समिति ने कहा है कि यदि सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध जारी रखना जरूरी है तो प्रभावित नाविकों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता अथवा बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
समिति के अनुसार, 16 अगस्त 2026 से नाव संचालन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में नाविकों की आय प्रभावित हुई है। नाविकों का कहना है कि नाव चलाना ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। काम बंद होने से परिवार का भरण-पोषण, घर का किराया, बच्चों की स्कूल फीस, राशन, दूध, बिजली-पानी के बिल और बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।
समिति ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गंगा के मौजूदा जलस्तर एवं परिस्थितियों की समीक्षा कर सुरक्षा मानकों के साथ नाव संचालन की अनुमति प्रदान की जाए। समिति की ओर से प्रार्थना-पत्र में यह भी मांग रखी गई है कि यदि नाव संचालन की अनुमति देना संभव नहीं है तो प्रभावित नाविकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रत्येक नाविक को 2,000 रुपये प्रतिदिन और प्रत्येक नाव चालक को 1,000 रुपये प्रतिदिन बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
समिति का दावा है कि गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच चुका है। इसी आधार पर समिति ने प्रशासन से प्रतिबंध की मौजूदा स्थिति की पुनः समीक्षा करने का अनुरोध किया है। हालांकि, नाव संचालन की अनुमति देने का अंतिम निर्णय प्रशासन द्वारा सुरक्षा मानकों और स्थानीय परिस्थितियों के आकलन के आधार पर लिया जाना है।
समिति ने दावा किया कि काशी के करीब 40 हजार नाविक परिवार लंबे समय से नाव संचालन बंद होने के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। नाविक समाज का कहना है कि धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों से जुड़ी उनकी रोजमर्रा की आय पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
मांग उठाने वालों में मां गंगा निषादराज सेवा समिति उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद ‘गुरु’, प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु निषाद, प्रदेश महासचिव चन्दन साहनी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट शिवकुमार निषाद, राष्ट्रीय सचिव हरिश्चन्द्र केवट, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्षा पूर्णिमा निषाद, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राम किशन मांझी (दुल्लू), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कश्यप, वाराणसी महानगर अध्यक्ष जितेन्द्र साहनी और महानगर सचिव प्रकाश साहनी ‘छोटू’ सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
समिति ने प्रशासन से नाविकों की आजीविका और परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नौका संचालन शुरू कराने अथवा प्रभावित नाविकों को आर्थिक राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।




