
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला किया गया। घटना के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तपन मैती और आकाश नामक दो व्यक्तियों की पहचान हुई है।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और भीड़ की ओर से अंडे व पत्थर फेंके गए।
स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा घेरे में ले लिया और उनके सिर पर हेलमेट पहनाया। इस दौरान धक्का-मुक्की और हाथापाई की भी स्थिति बनी, जिसमें उनकी शर्ट फट गई। इसके बावजूद वह कार्यकर्ता के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की।
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उन पर जानलेवा हमला था और यदि सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते हेलमेट नहीं पहनाया होता तो उन्हें गंभीर चोट लग सकती थी।
इस घटना पर टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कमी की गई और उन्हें निशाना बनाने की कोशिश हुई। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और यह जनता के आक्रोश का परिणाम है।
उधर, बेलेव्यू अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, 38 वर्षीय अभिषेक बनर्जी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। जांच में उनकी छाती पर हल्की चोट और एक खरोंच पाई गई। डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उनकी हालत सामान्य है और भर्ती करने की आवश्यकता नहीं थी।
घटना के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और मामले की जांच जारी है।





