
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले, केजीएमयू हॉस्टल मेस में नॉन-वेज भोजन पर रोक और ज्ञानवापी विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मामलों में कानून और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई कर रही है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर रही है तथा जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस मामले को सबसे पहले सार्वजनिक रूप से अखिलेश यादव ने उठाया है, तो यह भी जांच का विषय हो सकता है कि उन्हें इसकी जानकारी किस माध्यम से मिली। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है और उसका उद्देश्य तथ्यों से अधिक राजनीतिक लाभ लेना है।
केजीएमयू, लखनऊ के हॉस्टल मेस में नॉन-वेज भोजन पर रोक के फैसले का समर्थन करते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और समग्र विकास को प्राथमिकता देती है। उनके अनुसार, दूध, दही, घी, मक्खन और पनीर जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
ज्ञानवापी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोनों पक्षों को आपसी बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की सलाह के संबंध में मंत्री ने कहा कि सभी पक्ष न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले में अदालत का जो भी अंतिम निर्णय होगा, वही सभी के लिए मान्य होगा और सरकार उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगी।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार कानून के शासन और पारदर्शी व्यवस्था के सिद्धांत पर काम कर रही है तथा हर मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
इनपुट –आईएएनएस




