
नई दिल्ली। आसमान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 31 मई की रात खास होने वाली है। आज रात चंद्रमा से जुड़ी दो दुर्लभ खगोलीय घटनाएं एक साथ देखने को मिलेंगी। इस दौरान आकाश में ‘ब्लू मून’ और ‘माइक्रोमून’ का अनोखा संयोग दिखाई देगा, जिसे खगोल विज्ञान के नजरिए से बेहद खास माना जाता है।
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पूर्णिमा भारतीय समयानुसार दोपहर 2:15 बजे अपने चरम पर पहुंच चुकी थी, लेकिन दिन होने के कारण इसे देख पाना संभव नहीं था। इसका सबसे सुंदर दृश्य सूर्यास्त के बाद रात में दिखाई देगा। हिंदू पंचांग के मुताबिक, चंद्रोदय शाम 7:36 बजे होगा, जिसके बाद लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना का आनंद ले सकेंगे।
‘ब्लू मून’ नाम को लेकर अक्सर लोगों में भ्रम रहता है कि चंद्रमा नीले रंग का दिखाई देगा, लेकिन ऐसा नहीं है। चंद्रमा सामान्य रंग में ही नजर आएगा। दरअसल, जब एक ही कैलेंडर माह में दूसरी बार पूर्णिमा आती है, तो उसे ‘ब्लू मून’ कहा जाता है। इसी कारण मई माह की दूसरी पूर्णिमा को यह नाम दिया गया है।
वहीं, ‘माइक्रोमून’ उस स्थिति को कहा जाता है जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर होता है। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा अंडाकार कक्षा में करता है और जब वह अपनी सबसे दूर की स्थिति, जिसे ‘अपोजी’ कहा जाता है, पर पहुंचता है, तब वह आकार में थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देता है।
आज की पूर्णिमा इसी स्थिति में हो रही है, इसलिए चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा और फीका नजर आएगा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह एक यादगार अवसर है। साफ मौसम होने पर रात में खुली जगह या छत से इस अद्भुत नजारे को देखा जा सकता है।







