
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर लगभग 68 मीटर है। वाराणसी में गंगा का वार्निंग लेवल 70.262 मीटर, डेंजर लेवल 71.262 मीटर तथा एचएफएल 73.901 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने, नावों एवं बचाव उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखने के निर्देश दिए। सभी बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने को भी कहा गया।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को राहत शिविरों में सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, प्रकाश और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। ढाब क्षेत्र में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा एवं भूसा उपलब्ध कराने और उसका समय से वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भूसा वितरण की निगरानी के साथ-साथ पशुओं में बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम एवं उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, आमजन को समय से आवश्यक जानकारी एवं सुरक्षा संबंधी सावधानियों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विगत वर्षों में दुर्घटनाओं वाले सभी स्थलों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था एवं नियमित गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सदानंद गुप्ता ने बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी जिलाधिकारी को दी। इस अवसर पर एसडीएम सदर नितिन सिंह, कमांडेंट एनडीआरएफ, जल पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं पार्षदगण उपस्थित रहे।





