
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी शहर के बीचोंबीच पर्यावरण को तार-तार करने वाली तस्वीर सामने आई है। गोलगड्डा चौराहे से हरे नीम के पेड़ की कटी हुई लकड़ी लादकर एक वाहन खुलेआम गुजरता दिखाई दिया। लकड़ी पर ताजी हरी नीम की पत्तियां लगी हुई थीं, जिससे स्पष्ट है कि पेड़ की कटाई हाल ही में की गई है। वाहन पर लकड़ी काटने वाली मशीन भी रखी हुई थी।
शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक से इस तरह हरे पेड़ की लकड़ी ले जाए जाने के बावजूद न तो पुलिस की नजर पड़ी और न ही संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई की। आमजन के बीच इस लापरवाही को लेकर आक्रोश है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या शहर में नियम-कानून सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं?
पर्यावरणविदों का कहना है कि नीम को “गांव का वैद्य” कहा जाता है। गर्मी में छाया और हवा शुद्ध करने वाले ऐसे पेड़ों की कटाई न केवल पर्यावरण के लिए घातक है बल्कि कानून का भी उल्लंघन है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की उदासीनता से यह संदेश जा रहा है कि शहर में अब अवैध कटान पर कोई रोक-टोक नहीं है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और शहर में हरे पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।




