
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) के रूप में अपने कार्यकाल की समाप्ति पर जस्टिस संजीव खन्ना ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए साफ कहा, “मैं रिटायरमेंट के बाद कोई पद स्वीकार नहीं करूंगा।”
मंगलवार को पद से सेवानिवृत्त हुए जस्टिस खन्ना ने अपने विदाई संदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि अब वह किसी भी संवैधानिक या सरकारी पद की जिम्मेदारी नहीं लेंगे।
उनके इस निर्णय को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के प्रति एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जस्टिस खन्ना ने अपने कार्यकाल में कई अहम फैसलों और सिद्धांतों की मिसाल पेश की।
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