
-नगर निगम की चेतावनी के बाद भी काम जारी होने का दावा, हेरिटेज जोन में नियमों की निगरानी पर सवाल
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। काशी की पहचान और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अस्सी क्षेत्र स्थित सुबह-ए-बनारस घाट के हनुमान मंदिर परिसर में सुंदरीकरण के नाम पर चारों तरफ बाउंड्री निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर परिसर के सुंदरीकरण के नाम पर कराया जा रहा यह निर्माण सार्वजनिक स्थल के स्वरूप और काशी की विरासत को प्रभावित कर सकता है।
बताया जा रहा है कि संबंधित क्षेत्र को हेरिटेज जोन के दायरे में माना जाता है। ऐसे में निर्माण कार्य को लेकर अनुमति, नक्शा और निर्धारित नियमों के अनुपालन की जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि काशी जैसे ऐतिहासिक शहर में विरासत से जुड़े क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ दिन पहले नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी और निर्माण को लेकर चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद काम जारी रहने की बात सामने आने के बाद नगर निगम की निगरानी और चेतावनी के बाद कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब नगर निगम को निर्माण की जानकारी थी और मौके पर चेतावनी भी दी जा चुकी थी, तो उसके बाद भी निर्माण कार्य कैसे जारी रहा? यदि निर्माण नियमानुसार है तो उसकी अनुमति और स्वीकृत नक्शा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए और यदि नियमों से जुड़ा कोई प्रश्न है तो संबंधित विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्माण की अनुमति, नक्शा, भूमि की स्थिति तथा हेरिटेज नियमों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट की जाए। लोगों का कहना है कि सुंदरीकरण के नाम पर होने वाला कोई भी कार्य काशी की ऐतिहासिक पहचान, घाटों की खूबसूरती और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा को प्रभावित न करे।
अब निगाह संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई पर है कि सुबह-ए-बनारस घाट पर चल रहे बाउंड्री निर्माण की वास्तविक स्थिति क्या है और नगर निगम की चेतावनी के बाद भी काम जारी रहने के मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है।




