
पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ती नाराजगी और बगावत को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। इसी बीच TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी के बागी गुट पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें हताश और अवसरवादी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बागी नेता पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्याण बनर्जी ने कहा कि यदि किसी नेता को पार्टी की नीतियों या कार्यशैली से असहमति है, या वह पार्टी के साथ नहीं रहना चाहता, तो उसका नैतिक दायित्व है कि वह पहले इस्तीफा दे। उन्होंने कहा कि पार्टी में रहते हुए दूसरे राजनीतिक दलों का समर्थन करना उचित नहीं है।
कल्याण बनर्जी ने बागी नेता काकोली घोष दस्तीदार और उनके समर्थक सांसदों पर निशाना साधते हुए पूछा कि वे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर कैसे पहुंचे और इस मुलाकात की व्यवस्था किसने की। उन्होंने दावा किया कि अब बागी नेताओं की निष्ठा ममता बनर्जी के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि बागी सांसदों के पास दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है। ऐसे में यदि वे अयोग्यता से बचना चाहते हैं तो उन्हें भाजपा में शामिल होना पड़ेगा। कल्याण बनर्जी ने यह भी दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष को भेजे जाने की बात कही गई चिट्ठी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है और स्पीकर कार्यालय को भी ऐसी कोई चिट्ठी प्राप्त नहीं हुई है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बागी नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि अधिकांश नेता वर्ष 2011 के बाद पार्टी में शामिल हुए और उन्होंने कभी कोई बड़ा राजनीतिक संघर्ष नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी नेता लंबे समय तक ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की प्रशंसा करते रहे, लेकिन अब उनके सुर बदल गए हैं।
फिल्मी हस्तियों से जुड़े नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे व्यवहार कर रहे हैं मानो वे किसी दूसरे ग्रह के सितारे हों। उन्होंने बागी नेताओं को सलाह दी कि वे अपने क्षेत्रों में जाकर जनता के बीच संवाद करें और भाजपा के सहारे राजनीति करने से बचें।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इन नेताओं को पूरी तरह स्वीकार नहीं करेगी, क्योंकि पार्टी उनके राजनीतिक इतिहास और कार्यशैली को अच्छी तरह जानती है। साथ ही उन्होंने कुछ नेताओं से सवाल किया कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं के संघर्ष और उन पर हुए हमलों के दौरान कितनी बार उनके साथ खड़े दिखाई दिए हैं।





