
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने अपने पहले ही दिन कई बड़े फैसलों का ऐलान कर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि उसका मुख्य फोकस महिला सशक्तिकरण और सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने पर रहेगा।
नबन्ना सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने घोषणा की कि 1 जून से राज्य की पात्र महिलाओं को ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना के तहत हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने इसे महिलाओं की आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
बताया जा रहा है कि यह योजना पिछली सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का विस्तारित और संशोधित रूप होगी। पहले महिलाओं को 1,000 से 1,200 रुपये तक की सहायता मिलती थी, लेकिन अब नई सरकार ने चुनावी वादे के अनुसार इसे बढ़ाकर सीधे 3,000 रुपये कर दिया है।
सरकार के अनुसार, जो महिलाएं पहले से ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ ले रही थीं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पुराने लाभार्थियों को स्वतः नई योजना में शामिल कर लिया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की भी घोषणा की है। 1 जून से राज्य परिवहन निगम की सरकारी बसों में महिलाएं बिना किराए यात्रा कर सकेंगी। सरकार का कहना है कि इससे कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाली महिलाओं को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल रहा है, उन्हें जारी रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर उनमें सुधार भी किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सरकार रोजगार, किसानों और युवाओं से जुड़े कई अन्य बड़े फैसले भी ले सकती है। अगले सप्ताह होने वाली कैबिनेट बैठक में नई योजनाओं पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई सरकार शुरुआत से ही जनता के बीच मजबूत संदेश देने की कोशिश कर रही है। खासकर महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता और मुफ्त यात्रा जैसी योजनाओं को सरकार की आगामी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।





